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पहाड़ाें पर दाैड़ की प्रैक्टिस कर रहीं सरिता और अंजू, क्योंकि स्काई रनिंग चैंपियनशिप में 3 हजार फीट की ऊंचाई पर चोटी की तरफ दौड़ना है

जिले की दो बेटियां हर रोज पहाड़ों पर दौड़ लगाकर आसामन छूने का सपना साकार करने में जुटी हैं। नेशनल स्काई रनिंग चैंपियनशिप के लिए सलेक्ट हुई सरिता बांवरिया और अंजू वर्मा 2021 में उत्तराखंड में होने वाली नेशनल स्काई चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी। बेटियों को बेटों से कम मानने वालों की सोच बदलने के लिए यह बड़ा उदाहरण है।

गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली इन बेटियों की सोच बहुत बड़ी और आत्मविश्वास पहाड़ की तरह मजबूत है। दोनों बेटियों के पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सांवली रोड़ की रहने वाली सरिता के पिता टीकूराम, अंजू के पिता गोपाल वर्मा मजदूरी करके बेटियों के सपने को पूरा करने में हर कदम पर साथ खड़ा है। कोच महेश नेहरा बताते हैं कि दाेनाें खिलाडिय़ों के रनिंग प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए इस प्रतियोगिता तैयारी शुरू करवाई। इसके वीडियो बनाकर स्काई चैंपियनशिप फैडरेशन को भिजवाए गए।

जिसके आधार पर दोनों खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए चयन किया गया। नेहरा बताते हैं कि शुरूआत में इन्हें पहाड़ पर चढ़ने और दाैड़ लगाने में दिक्कत हुई, लेकिन नियमित अभ्यास से अब लगातार सुधार हो रहा है। स्काई रनिंग का विदेशों में काफी रुझान है।

चुनौती : ऊंचाई की तरफ दौड़ना मुश्किल

यह रेस यूरोप के देशाें में बहुत ज्यादा चर्चित है। यह रेस तीन हजार फीट ऊंचाई की पहाडिय़ों पर हाेती है। इसमें खिलाड़ी काे पहाड़ की चाेटी की तरफ दाैड़ना पड़ता है। ये स्काई रनिंग तीन चरणाें में हाेती है। जिसमें स्काई दाैड़, स्काई मैराथन व अटरा स्काई मैराथन की दाैड़ शामिल है। यह टूर्नामेंट स्काई रनिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से आयाेजित किया जाता है।

30 मेडल जीत चुकी है सरिता
16 वर्षीय सरिता बावरियां फुटबाल की भी बेहतरीन खिलाड़ी है। खेल में अब-तक वह करीब 30 मेडल जीत चुकी है। जयपुर में स्टेट रनिंग चैंपियनशिप में कास्य पदक जीता था। नागौर में राज्य स्तरीय रनिंग प्रतियोगिता में चौथे स्थान पर रही। सरिता कहती है कि जीत के लिए स्टेमिना हाेना जरूरी है। चैंपियनशिप में मेडल जीतने के लिए वह राेज पांच किलाेमीटर की दाैड़ हर्ष पर्वत पर लगाती है।
कई खेलों में ऑल राउंडर है अंजू
19 साल की अंजू वर्मा के परिवार में काेई भी खेल से नहीं जुड़ा है। बीए सैकंड ईयर की पढाई कर रही अंजू रनिंग के अलावा स्वीमिंग, बेडमिंटन की आलराउंडर खिलाड़ी है। 800 और 1500 मीटर दाैड़ में वह पहले भी दाे सिल्वर मेडल हासिल कर चुकी है। अंजू ओलंपिक तक पहुंचना चाहती है। स्काई रनिंग के लिए वह नियमित दाे से तीन घंटे पहाड़ी पर दौड़ लगाकर प्रेक्टिस कर रही है।



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पहाड़ी पर दाैड़ का अभ्यास करती सरिता और अंजू


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