Breaking News

पॉलीथिन नष्ट नहीं होती है, इसका उपयोग कम से कम करें

राजकीय कन्या काॅलेज धौलपुर में वेबीनार का आयोजन किया गया। वेबीनार का विषय पॉलीथिन उपयोग का पर्यावरण पर प्रभाव था। अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य प्रो बीके कुलश्रेष्ठ ने की। प्राचार्य ने बताया कि पॉलीथिन का बढ़ता उपयोग न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य के लिए भी खतरनाक है। मुख्य वक्ता डाॅ एमके सिंह सह आचार्य राजकीय महाविद्यालय धौलपुर ने बताया कि पॉलीथिन आसानी से नष्ट नहीं होती।

इस कारण हमें इसका कम से कम उपयोग करना चाहिए। इसके अधिक इस्तमाल से कैंसर, डायबिटिज जैसी बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने पॉलीथिन के रासायनिक और बाॅयलाेजिकल प्रभाव पर विस्तृत जानकारी दी। डाॅ. विनोद गर्ग, सह प्राध्यापक, राजकीय महाविद्यालय धौलपुर ने कहा कि पॉलीथिन और प्लास्टिक गांव से लेकर शहर तक लोगों की सेहत बिगाड रही है।

डाॅ. देवेन्द्र सिंह परमार जिला समन्वयक एनएसएस ने बताया कि प्लास्टिक के गिलासों में गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने से उसका कैमिकल पेट में चला जाता है। इससे डायरिया के साथ ही अन्य गम्भीर बीमारियां होती हैं। यह देश की गम्भीर समस्या है। प्रो. विष्णु कुमार सहायक आचार्य भूगोल राजकीय कन्या काॅलेज ने बताया कि पॉलीथिन मनुष्य एवं सभी जीव जन्तुओं के लिये बहुत ही हानिकारक है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2XnPtD0
via < https://i9.dainikbhaskar.com/thumbnails/680x588/web2images/www.bhaskar.com/2021/01/10/>
;

No comments