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नामी कारोबारी परिवार को रात के खाने में जहर दिया, लॉकर से माल पार कर रहे थे, तभी बड़ा बेटा घर लौटा, जान-माल बचे, नौकर दंपती फरार

सरदारपुरा डी रोड सिंघवी स्वीट्स के सामने रहनेवाला धूत परिवार कुछ दिन पहले ही कोरोना संक्रमण से उबरा था। धूत परिवार ऑटोमोबाइल शोरूम राजा हुंडई के संचालक हैं। शुक्रवार रात उनके घर में काम करने वाले नेपाली नौकर दंपती ने खाने में जहर मिला मारकर लूटने कोशिश की। ये शातिर नेपाली नौकर के भेष में लुटेरी गैंग का हिस्सा थे।

धूत परिवार के रिश्तेदार के यहां काम करने वाले दूसरे नेपाली के मार्फत यह दंपती 7 दिन पहले ही यहां नौकर लगे थे। षड्यंत्र इससे भी एक सप्ताह पहले शुरू हो गया था। रिश्तेदार के नेपाली नौकर ने गैंग के इस दंपती को नौकर बनाकर भेजा। रोज उससे घर में होने वाली एक्टिविटी पर बात करते और मौके की तलाश में रहते। शुक्रवार रात उन्हें ये मौका मिल गया।

वे जानते थे कि शोरूम से मालिक का बड़ा बेटा रात 9 बजे तक घर आता है। इन्होंने शुक्रवार का खाना परोसने से पहले खुद के हाथ से बनाया सूप और मंचूरियन परोसा। सूप में जहर मिला रखा था। करीब साढ़े सात बजे जैसे ही घर में मौजूद जयेश धूत, उनकी पत्नी नेहा, पिता घनश्याम एवं पुत्र शुभम धूत ने सूप और मंचूरियन खाया, वे अचेत होने लगे।

जहर का असर होता देख नेपाली दंपती ने चाबियां निकालीं और लॉकर खोल माल निकालने में जुट गए। तभी परिवार का बड़ा बेटा रौनक धूत रोजाना की बजाय जल्दी घर आ गया। उसे देखते ही नेपाली दंपती ने तुरंत सूप व मंचूरियन उसे भी खिलाने का दबाव बनाया। लेकिन उसने सिर्फ दो मंचूरियन ही चखे, सूप नहीं पिया। यह देख नेपाली दंपति भांप गए कि उनकी पोल अब खुल जाएगीह।

वे बहाना बनाकर नीचे उतरे और फरार हो गए। जब बड़ा बेटा कमरे के अंदर पहुंचा तो उसने चारों लोगों को अर्द्ध मूर्छित देखा। पहले तो उसे लगा कि कोरोना के कारण उनकी तबीयत फिर खराब हुई है। उसने अपने रिश्तेदार को फोन कर बुलाया। कुछ देर बाद जब छोटे भाई के मुंह से हल्के झाग नजर आए, तो वे हॉस्पिटल ले गए।

वहां डॉक्टरों ने चारों के पेट से करीब आधा बाल्टी जहरयुक्त पदार्थ निकाला। चारों की हालत अब खतरे से बाहर है। तीन सदस्यों को शनिवार शाम हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी। इधर पुलिस नेपाली दंपती के साथ उनके साथियों की तलाश कर रही है। वह नेपाली भी फरार है।

साजिश
15 दिन पहले रची, 7 दिन पूर्व नौकर बन आए, शुक्रवार रात जहरीला सूप पिलाया

संयोग
घर का एक बेटा सूप ना पीने से होश में रहा, सबको बेहोश होता देख रिश्तेदार को बुलाया

गैंग
जिस रिश्तेदार के यहां काम कर रहे नेपाली नौकर के मार्फत आए थे, वो भी फरार

अनदेखी
धूत परिवार को पुराने नौकरों ने चेताया था- नया नौकर गांजा पीता है, ध्यान नहीं दिया

चूक

धूत परिवार ने ना नौकरों का पुलिस वेरिफिकेशन कराया था, ना दस्तावेज लिए

रौनक को होश में देख समझ गए , प्लान फेल हुआ, मौका देख भागे

एडीसीपी (वेस्ट) हरफूलसिंह ने बताया कि शुक्रवार रात करीब साढ़े सात–आठ बजे के बीच हुई घटना की जानकारी करीब 12 घंटे बाद शनिवार सुबह सरदारपुरा पुलिस को मिली। पुलिस के अनुसार शहर के नामी कारोबारी जयेश धूत ने 2 जनवरी को ही अपने रिश्तेदार के यहां काम करने वाले नेपाली के मार्फत एक नेपाली दंपती को घरेलू नौकर रखा था। शुक्रवार रात उनकी पुरानी नौकरानी खाना बनाकर चली गई।

इसके बाद नए नौकर दंपती ने सूप, मंचूरियन बनाकर धूत परिवार को परोसा। शाम साढ़े सात बजे घर लौटे रौनक धूत ने सिर्फ वो ही खाना खाया जो पुरानी नौकरानी और निकट रिश्तेदार के घर से आया था। उन्होंने मंचूरियन के दो निवाले ही लिए। जबकि जयेश धूत, उनके पिता घनश्याम धूत ने नेपाली नौकर मोहन और उसकी पत्नी कमला का बनाया टमाटर सूप व मंचूरियन खाए। जयेश की पत्नी नेहा धूत ने कुछ ही चैक किया था।

खाना खाने के कुछ ही देर बाद चारों सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी। रौनक के सामान्य नजर आने पर शातिर दंपती को साजिश विफल होती लगी। तब वे दोनों नीचे सर्वेंट क्वार्टर में जाने का कहकर खिसक गए। कुछ देर बाद रौनक ने परिवार के अन्य सदस्यों को अर्द्ध मूर्छित देखा तो नजदीकी रिश्तेदार को फोन कर घर बुलाया।

तब तक शुभम के मुंह से हल्के झाग नजर आने लगे थे, तो उन्हें लगा कि खाने में जहर हो सकता है। वे तत्काल चारों सदस्यों को बरकतुल्लाह खां स्टेडियम के निकट निजी हॉस्पिटल ले गए। शनिवार सुबह सरदारपुरा पुलिस को इसकी सूचना मिली। पता चला कि नेपाली नौकर दंपति शुक्रवार रात साढ़े आठ- नौ बजे के बीच ही खिसक चुके थे।
2 जनवरी को काम पर लगे 8 को वारदात की

  • रात 7.36 धूत परिवार खा रहा था खाना
  • रात 7.40 बेटा शुभम जल्दी घर लौटा
  • रात 8.30 1 को छोड़ सबकी हालत बिगड़ी

रात 8.35 शातिर दंपती फरार हो गए सीसी टीवी फुटेज से पूरी घटना का खुलासा
मामले की जानकारी पर पुलिस धूत परिवार के घर पहुंची। सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली तो शाम 7:20 से लेकर 10 बजे तक का पूरा घटनाक्रम समझ आया। रात 7:36 बजे मोहन व कमला ने धूत परिवार को खाना परोसा। इसके बाद परिवार के खाना खाने तक मोहन बार-बार छुपकर नजर रखता दिखा। रात 8:50 बजे नौकर दंपती खिसक गए। कुछ देर में कमला लौटी और चंद मिनट बाद ही बाहर निकल गई। दोपहर बाद 4:15 से ही दोनों की गतिविधियां संदिग्ध दिखीं।
गैंग में दो-तीन अन्य के शामिल होने का संदेह
रात 9:30 बजे नेहरू पार्क इलाके में ही शातिर दंपति ने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिए। हालांकि इससे पहले मोहन ने दो-तीन अन्य लोगों से भी कई बार फोन पर बात की थी। शनिवार को उन अन्य लोगों के मोबाइल भी बंद आने लगे। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि इस वारदात में कुछ अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
आशंका - दोपहर की चाय भी जहरीली बनाई थी
पुलिस के अनुसार जयेश की पत्नी ने अपराह्न चाय बनवाकर पी थी। शाम को खाने में नेहा धूत ने सिर्फ टेस्ट ही किया, लेकिन उनकी तबीयत भी बिगड़ी थी। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि शातिर दंपति ने चाय में भी जहर मिलाया हो सकता है। हालांकि धूत परिवार को कौनसा जहर भोजन में मिलाकर दिया था, इसकी पुष्टि एफएसएल रिपोर्ट से ही हो पाएगी।
पुराने नौकरों ने मालिकों काे चेताया था
धूत परिवार में 7 दिन पहले ही आए नेपाली नौकर को पुराने नौकरों ने गांजे का नशा करते भी देखा था। इस बारे में उन्होंने अपने मालिक को बताया भी था। वारदात के बाद पुलिस को नेपाली नौकर के कमरे से गांजे की पुड़िया भी मिली थी।
जहर ऐसा, पुलिस ने सूंघा तो हुई हालत खराब
पुलिस के शनिवार को धूत के घर का मौका मुआयना करते वक्त वहां रिश्तेदार ने रसोई में मिली प्लास्टिक थैली को संदिग्ध बताया। थानाधिकारी व एक अन्य पुलिसकर्मी ने भी सूंघा तो दोनों का जी मचलाने लगा और हालत खराब होने लगी।

नौकर/किराएदार का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवाने की भूल ना करें

एडीसीपी (वेस्ट) सिंह ने बताया कि धूत परिवार ने नेपाली दंपति को रखने से पहले या बाद में पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया। ना ही दोनों के कोई दस्तावेज लिए। ऐसे में पुलिस की शहर के तमाम लोगों से अपील है कि वे अपने घर पर नौकर रखें या कोई किराएदार, हर एक का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में आयुक्तालय के सभी थानों में वेरिफिकेशन के लिए अभियान भी चलाया गया था।

इसके बाद भी किराएदार का वेरिफिकेशन नहीं कराने और उन्हीं किराएदार द्वारा आपराधिक वारदात को अंजाम देने पर केस दर्ज हुआ, तो पुलिस ने मकान या कमरा किराए पर देने वाले मकान मालिक के खिलाफ भी केस दर्ज किए थे। इससे बचने के लिए शहरवासियों को कानून की पालना कर खुद की व अन्य आमजन की सुरक्षा के लिए वेरिफिकेशन जरूर कराना चाहिए।



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फुटेज में किचन में काम करते नजर आए कमला और मोहन


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